गुल फिर गुलशन बनेगें होली के पर्व पर
प्यार आपस मे करेगें होली के पर्व पर
भूलाकर के सब अपने गिले शिकवे
जब आपस मे मिलेगें होली के पर्व पर
फिक्र किस बात की करते हो अब यारों
रंग गुलाल फिर उड़ेगें होली के पर्व पर
कसम इस बार खाते हैं ऐ वतन मेरे
न कभी आपस में लड़ेगें होली के पर्व पर
मिटाकर के सब फासले दिलों के
गले सबसे मिलेगें होली के पर्व पर
नफरतों को दिल से मिटाकर तो देखो
ये दुनियां रंगीन लगेगी होली के पर्व पर
न हिंदू , न मुस्लिम, न सिख , न ईसाई
हम सब एक लगेंगे होली के पर्व पर
प्यार सबसे करेंगे "शाकिर"होली के पर्व पर


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