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| Shakir Ali |
इतने तो तुम हसीं हो उस पर ये नज़र कातिल
लग जाए न नज़र तुझको यू श्रृंगार करते करते।
बस इतनी सी ख्वाहिश दिल मे है मेरे अब तो ।
में दुनिया से होऊं रुखसत तेरा दीदार करते करते ।
ऐ हुस्न की मलिका इतनी सी बात सुन ले ।
मे मर न जाऊँ यू ही फरियाद करते करते ।
रूठें मनाए अब तो बस एक दूसरे को हम तुम।
बीते ये मेरा जीवन तुझे प्यार करते करते।
तन्हाइयां भी अक्सर कहतीं हैं मुझसे अब ये ।
साँसें न मेरी रुक जाएं तुझे याद करते करते ।
तुझसे बिछड के जीना मुमकिन नहीं है अब तो ।
समझाऊॅ तुझको कैसे में इजहार करते करते ।
हसरत है दिल मे मेरे ये शाकिर बताऊँ तुझको ।
दुनियां बजाय ताली मुझे फनकार कहते कहते ।



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