Advertisement

जब प्यार ही नहीं था किस्मत में – दिल को छू लेने वाली दर्द भरी शायरी




जब प्यार ही नहीं था किस्मत में, हम तुझसे शिकायत क्या करते,

इतने सज्दों से  तू ना मिला, हम और इबादत क्या करते…




हर जगह सिर्फ तेरा जिक्र था, हर सज्दे में तेरा ही नाम था,

पर जब तू ही न मिला मुकद्दर में, तो फिर और इबादत का क्या काम था…





एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ