पेड़ो पौधों का भी अपना एक अलग ही इतिहास है पेड़ पौधे जीवो के लिए वरदान होते है। एक स्वस्थ पेड़ रोजाना लगभग 225 - 230 लीटर ऑक्सीजन छोड़ता है। जो रोजाना 7 से 10 जीवो को प्राण वायु देता है। जिसमें पीपल व वरगद का पेड़ सबसे ज्यादा ऑक्सीजन देते हैं।
तो आइए आपको एक ऐसे रहस्यमय पेड़ के बारे में बताते है। आइये आपको लिए चलते हैं जिला बिजनोर के धीवर पुरा गाँव मे जहां एक विशाल काय बरगद का पेड़ है । यह बरगद का पेड़ इतना विशाल है कि वह अकेला ही 9 से 10 वीघा मे फैला हुआ है। जिसकी छाँव भी बहुत घनी है इस पेड़ की वास्तविक जड़ कहां है कोई अजनबी व्यक्ति यह नहीं समझ पाता है। क्योंकि इस बरगद के छोटे तने शाखा से नीचे लटकते हैं। और जमीन पर जाकर जड़ के रूप मे विकसित हो जाते है। और वहाँ एक नया पेड़ बन जाता है इसी तरह यह पेड़ बहुत ही विशाल हो गया है। एक और बात है कहीं कहीं पेड़ के तने शाखा से नीचे लटककर अजीबोगरीब रूप ले लिया है इसी लिए पेड़ को रहस्यमय कहा है
इस पेड़ का इतिहास
गाँव बालो के अनुसार यह पेड़ लगभग 125 - 150 बर्ष पुराना है । यह पेड़ चाँदपुर के धीवर पुरा गाँव के कब्रिस्तान मे है। यहाँ रितिशा बाबा की जारत (मजार) है। जहां प्रत्येक वृहस्पतिवार को सैकड़ो अकीदत मंदो का तांता लगा रहता है। अकीदत मंद बड़ी शिद्दत और आस्था से चादर पेश करते हैं और अपनी मुरादें पाते है। गांव बालो के अनुसार जारत के पास ही इस विशालकाय पेड़ की जड़ है और यह पेड़ यहीं से विकसित हुआ है।
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11 टिप्पणियाँ
Bahut acchi Kahani Hai
जवाब देंहटाएंVery good story
जवाब देंहटाएंVery nice
जवाब देंहटाएंWah good very good
जवाब देंहटाएंvery nice story
जवाब देंहटाएंFantastic
जवाब देंहटाएंGajab
जवाब देंहटाएंSo beautiful
जवाब देंहटाएंFantastic
जवाब देंहटाएंGreat post
जवाब देंहटाएंGood
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